Tuesday, February 9, 2010

सबसे खूबसूरत इन्सान

ठंडी सर्द रात,
चारों और अँधेरा,
टूटे दांत, काला चेहरा;
बाल भी बिखरे-बिखरे ,
सर्द हवा में भी,
तन पर था तो फटा-पुराना कपडा;
देखो तो फटी आंख ना सुहाए,
पर हुआ तभी कुछ ऐसा,
जिस पर विस्वास न आये,
था वो उस पल,
सबसे खूबसूरत इन्सान,
जब थी उसके दिल में दुआ,
आँखों में चमक,
और आई चेहरे पर निश्छल मुस्कान.

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